Solapur Farmer की 42 एकड़ में खेती की अनोखी योजना
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के मालशिरस तालुका के दो युवा किसान भाई, जनक जयवंत वाघमोरे (Janak Jaywant Waghmore) और पृथ्वीराज वाघमोरे (Prithviraj Waghmore) ने Moringa और Pomegranate farming में आधुनिक खेती और नई तकनीक का इस्तेमाल करके सालाना लगभग 2 करोड़ रुपये का टर्नओवर कर रहे हैं।
इनके पास कुल 42 एकड़ जमीन है, जिसमें—
- 21 एकड़ में मोरिंगा (सहजन) की खेती
- 8 एकड़ में अनार की खेती(Pomegranate farming)
- बाकी जमीन में गन्ना, केला और सब्जियों का उत्पादन
Moringa farming से करोड़ों की कमाई का सफर
शुरुआत में जनक वाघमोर ने सिर्फ 8-9 एकड़ में मोरिंगा की खेती की थी, लेकिन पहले ही साल में अच्छा मुनाफा होने पर इसे बढ़ाकर 21 एकड़ कर दिया।
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प्रति एकड़ मोरिंगा का उत्पादन और भाव
- उत्पादन: प्रति एकड़ लगभग 18 टन
- प्रति किलो मोरिंगा स्टिक: 9–11
- न्यूनतम भाव: 30 रुपए प्रति किलो
- औसत भाव: 120–130 रुपए प्रति किलो
- गणना: औसतन 50 रुपए प्रति किलो मानकर, प्रति एकड़ 9 लाख रुपये का टर्नओवर
इस तरह 21 एकड़ × 9 लाख = 1.89 करोड़ रुपये सिर्फ मोरिंगा से सालाना आय।
मोरिंगा की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग
मोरिंगा की फली दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में बिकती है। इसके अलावा इसे दुबई में भी एक्सपोर्ट किया जाता है, जिससे मुनाफा और बढ़ जाता है।
Pomegranate farming में हाई डेंसिटी पद्धति से अधिक उत्पादन
अनार की खेती(Pomegranate farming) में दोनों भाइयों ने हाई डेंसिटी क्रॉपिंग तकनीक अपनाई है।
पौधों की दूरी और उत्पादन क्षमता
- पौधे से पौधे की दूरी: 5 फीट
- लाइन से लाइन की दूरी: 10 फीट
- प्रति एकड़ पौधे: 871
- प्रति पौधा उत्पादन: 15 किलो
अनार की खेती से प्रति एकड़ टर्नओवर
पृथ्वीराज वाघमोर के अनुसार अनार की खेती(Pomegranate farming) से प्रति एकड़ 26 लाख रुपये तक का टर्नओवर संभव है। इस हिसाब से 8 एकड़ में लगभग 2.08 करोड़ रुपये उत्पादन क्षमता है।
पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए RO Water का उपयोग
सोलापुर के कई इलाकों में पानी में ज्यादा TDS (Total Dissolved Solids) होने से फल का रंग और स्वाद खराब हो सकता है। इस समस्या से बचने के लिए वाघमोर बंधु RO water का इस्तेमाल करते हैं।
इससे—
- फलों में आकर्षक रंग आता है
- स्वाद और गुणवत्ता बेहतर होती है
ड्रोन तकनीक से स्प्रे करने के फायदे
खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए ये दोनों भाई ड्रोन से स्प्रे करते हैं।
समय की बचत और श्रम लागत में कमी
- पारंपरिक मशीन से एक एकड़ में 30–45 मिनट
- ड्रोन से सिर्फ 6–7 मिनट में काम पूरा
स्प्रे की समानता और गुणवत्ता
ड्रोन स्प्रे से कीटनाशक और पोषक तत्व पत्तियों और फलों पर समान रूप से लगते हैं, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है।
गन्ना, केला और सब्जियों से अतिरिक्त आय
मोरिंगा और अनार के अलावा, गन्ना, केला और मौसमी सब्जियों की खेती से अतिरिक्त आय होती है। इससे—
- एक फसल पर निर्भरता कम होती है
- सालभर नियमित कैश फ्लो बना रहता है
युवाओं के लिए खेती में सफलता का उदाहरण
जनक और पृथ्वीराज वाघमोर की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेती को पुराना और कम लाभदायक पेशा मानते हैं।
इनकी मेहनत, तकनीकी अपनाने की सोच और मार्केट की समझ साबित करती है कि खेती से भी करोड़ों रुपये कमाए जा सकते हैं।
सफलता के राज
- हाई डेंसिटी क्रॉपिंग से अधिक उत्पादन
- RO water से गुणवत्ता और रंग में सुधार
- ड्रोन से समय और लागत की बचत
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री
- विविध फसलों से जोखिम कम करना
निष्कर्ष
Moringa farming और Pomegranate farming का यह उदाहरण दर्शाता है कि सही योजना, मेहनत और तकनीक के साथ खेती को एक लाभदायक व्यवसाय में बदला जा सकता है। Solapur farmer जनक जयवंत वाघमोरे और पृथ्वीराज वाघमोरे ने दिखा दिया कि गांव में रहकर भी करोड़ों रुपये की सालाना कमाई संभव है।